
UP Budget 2026 Farmer Benefits: यूपी का बजट 2026 में किसानों के लिए कई सारे फायदे की उम्मीद है। योगी सरकार का यह बजट विधानसभा चुनाव 2027 से पहले बहुत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। भाजपा सरकार किसानों को खुश करने और उनका वोट बैंक मजबूत करने की पूरी कोशिश करेगी। यूपी बजट 2026 की तैयारी चल रही है, जिसे ‘खुशहाल यूपी’ थीम पर फोकस किया जा रहा है। माना जा रहा है कि किसानों के लिए कई नई योजनाएं और पुरानी योजनाओं का विस्तार हो सकता है।
चुनाव से पहले किसानों पर फोकस क्यों?
2027 में यूपी में विधानसभा चुनाव होने हैं। योगी सरकार पिछले चुनावों की तरह इस बार भी किसानों को साधने की रणनीति बना रही है। किसान यूपी की बड़ी आबादी हैं और उनकी समस्याएं जैसे गन्ना बकाया, सिंचाई, बीज, खाद और आय बढ़ाना सरकार के लिए प्राथमिकता हैं। केंद्र के बजट 2026 में भी किसानों के लिए कई ऐलान हुए हैं, जैसे भारत-विस्तार योजना (AI से आधुनिक खेती), केसीसी लोन सीमा 5 लाख तक बढ़ाना और उच्च मूल्य वाली फसलों को बढ़ावा। यूपी बजट में इनका लाभ यूपी के किसानों तक पहुंचाने पर जोर होगा।
किसानों के लिए संभावित योजनाएं और फायदे?
मुफ्त बिजली योजना जारी – घरेलू और सिंचाई के लिए मुफ्त बिजली को और मजबूत किया जा सकता है।
पीएम-कुसुम योजना का विस्तार – सौर पंप लगाने पर ज्यादा सब्सिडी और ज्यादा किसानों को कवर करने की योजना।
गन्ना किसानों के लिए विशेष पैकेज – बकाया भुगतान सुनिश्चित करने के लिए मूल्य स्थिरीकरण कोष या चीनी मिलों के आधुनिकीकरण पर फंड।
किसान क्रेडिट कार्ड (e-KCC) में सुधार – लोन 5 मिनट में मिलना जारी रहेगा, ब्याज सब्सिडी बढ़ सकती है। कृषि ऋण लक्ष्य 3 लाख करोड़ तक।
नई आय सहायता या बोनस – पीएम किसान के साथ राज्य स्तर पर अतिरिक्त मदद या फसल बोनस।
आधुनिक खेती और AI – केंद्र की भारत-विस्तार योजना से छोटे किसानों को वैज्ञानिक तरीके से खेती सिखाई जाएगी।
पशुपालन और संबद्ध क्षेत्र – दूध, मछली पालन पर ज्यादा फोकस, जिससे अतिरिक्त कमाई हो।
क्या होगा बजट का असर?
अगर उम्मीद के हिसाब से इस बार का बजय आया है तो यह किसानों की आय बढ़ाने, लागत घटाने और रोजगार देने पर केंद्रित होगा। योगी सरकार पहले से ही किसानों के लिए कई योजनाएं चला रही है, जैसे फ्री बोरिंग, बीज पार्क और डिजिटल लोन। अब चुनाव से पहले और बड़े ऐलान होने की उम्मीद है। हालांकि, अंतिम घोषणाएं बजट पेश होने पर ही पता चलेंगी 11 फरवरी 2026 को प्रस्तुत होने की संभावना। किसानों को उम्मीद है कि इस बार उनकी समस्याओं का स्थायी समाधान मिलेगा।
