
लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने होली, महाशिवरात्रि और रमजान सहित आगामी त्योहारों को लेकर कानून-व्यवस्था की व्यापक समीक्षा की और शांति भंग करने वाले तत्वों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए। लोक भवन में आयोजित बैठक में सभी मंडलों, पुलिस जोन, रेंज और जिलों के अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े।
होली पर विशेष सतर्कता
मुख्यमंत्री ने कहा कि 2 से 4 मार्च तक होली का पर्व मनाया जाएगा और ब्रज क्षेत्र सहित पूरे प्रदेश में उत्सव का माहौल रहेगा। उन्होंने निर्देश दिए कि शोभायात्राओं में किसी भी स्थिति में उपद्रवी तत्वों की घुसपैठ न होने पाए।रंग में भंग डालने या उन्माद फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही होलिका दहन केवल परंपरागत स्थलों पर ही कराया जाए और सड़क के बीच किसी भी हाल में आयोजन न हो। उन्होंने कहा कि विगत वर्षों की घटनाओं से सीख लेते हुए स्थानीय जरूरतों के अनुसार सतर्कता और निगरानी तंत्र को और मजबूत किया जाए।
महाशिवरात्रि की तैयारियां
सीएम योगी ने वाराणसी, मेरठ, लखीमपुर खीरी और बाराबंकी के जिलाधिकारियों से महाशिवरात्रि की तैयारियों की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि 14 और 15 फरवरी को प्रमुख शिवधामों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचेंगे। सुगम दर्शन, यातायात व्यवस्था, पार्किंग, महिला सुरक्षा और आपात स्थिति से निपटने के लिए एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें 24 घंटे सक्रिय रहें। मंदिर परिसरों में पर्याप्त महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती सुनिश्चित की जाए।
रमजान और ईद को लेकर संवाद
मुख्यमंत्री योगी ने रमजान और संभावित रूप से 21 मार्च को ईद के मद्देनज़र धर्मगुरुओं से संवाद बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसी भी नई परंपरा की शुरुआत न होने दी जाए और सौहार्दपूर्ण वातावरण बनाए रखा जाए।
बोर्ड परीक्षा और अन्य आयोजन
18 फरवरी से शुरू हो रही 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं को नकलविहीन कराने के निर्देश दिए गए। परीक्षा की शुचिता से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री योगी ने 19 मार्च से शुरू हो रहे नवरात्र, रामनवमी और जनगणना के प्रथम चरण को देखते हुए भी सभी तैयारियां समय से पूरी करने को कहा।
ध्वनि प्रदूषण और ट्रैफिक पर सख्ती
मुख्यमंत्री ने रात्रि 10 बजे के बाद डीजे और तेज ध्वनि उपकरणों पर पूर्ण प्रतिबंध के कड़ाई से पालन के निर्देश दिए। यातायात जाम के स्थायी समाधान और धर्मस्थलों के आसपास भिक्षावृत्ति पर प्रभावी रोक लगाने को भी कहा गया।
