हरियाणा के गांव में डच ट्रैवलर को मिला घर जैसा अपनापन, ‘अतिथि देवो भव’ की अनोखी मिसाल

हरियाणा के गांव में डच ट्रैवलर को मिला घर जैसा अपनापन, ‘अतिथि देवो भव’ की अनोखी मिसाल

Atithi Devo Bhava : नीदरलैंड की रहने वाली सोलो ट्रैवलर मीक हाइमन भारत की ग्रामीण यात्रा पर थीं, जब उन्हें हरियाणा में एक अनोखा अनुभव मिला। यात्रा के दौरान वह एक गांव पहुंचीं और खेत में काम कर रही एक बुजुर्ग महिला से पूछा कि क्या वह रात में वहां अपना टेंट लगा सकती हैं।

बुजुर्ग महिला अंग्रेजी नहीं समझ पाईं, लेकिन उन्होंने मीक को मना करने के बजाय अपने बेटे तुषार गुज्जर को बुलाया ताकि वह बातचीत समझ सके।

 

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विदेशी महिला को देसी परिवार ने दी जगह

मीक को उम्मीद थी कि उन्हें सिर्फ खेत में रुकने की अनुमति मिल जाएगी, लेकिन परिवार ने उन्हें बाहर सोने नहीं दिया। उन्होंने आग्रह किया कि वह उनके घर में ही ठहरें। मीक को चाय दी गई, घर का बना खाना परोसा गया और आराम करने के लिए जगह दी गई।

इस पूरे अनुभव को उन्होंने वीडियो में साझा किया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में मीक बताती हैं कि एक साधारण-सी गुजारिश ने कैसे एक खूबसूरत शाम और यादगार मुलाकात का रूप ले लिया।

‘अतिथि देवो भव’ की बेहतरीन मिसाल

यह घटना के प्रसिद्ध विचार ‘अतिथि देवो भव’ को दर्शाती है, जिसका अर्थ है कि मेहमान भगवान के समान होता है। ग्रामीण भारत में आज भी यह परंपरा जीवित है।

मीक के लिए यह उनके भारत दौरे के सबसे खास पलों में से एक बन गया, जबकि परिवार के लिए यह सामान्य इंसानियत और अपनापन था। सोशल मीडिया पर लोग इस वीडियो को और दिल से जुड़े व्यवहार की मिसाल बता रहे हैं।

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