अक्षरा सिंह ने किया ज्योति सिंह का समर्थन, बोलीं- एलिमनी लेना हक है, 10 करोड़ हो या 100 करोड़…

अक्षरा सिंह ने किया ज्योति सिंह का समर्थन, बोलीं- एलिमनी लेना हक है, 10 करोड़ हो या 100 करोड़…

Pawan Singh Divorce Case: भोजपुरी सिनेमा के ‘पावर स्टार’ पवन सिंह इन दिनों अपनी निजी जिंदगी को लेकर सुर्खियों में हैं। उनकी दूसरी पत्नी ज्योति सिंह के साथ चल रहा विवाद अब कानूनी लड़ाई में बदल चुका है। दोनों का तलाक का मामला बिहार के आरा सिविल कोर्ट में विचाराधीन है। हाल ही में हुई सुनवाई में ज्योति सिंह कोर्ट पहुंचीं, जबकि पवन सिंह की गैरमौजूदगी चर्चा का विषय बनी रही।

सूत्रों के मुताबिक, ज्योति सिंह ने एलिमनी के तौर पर 10 करोड़ रुपये की मांग की थी। कोर्ट में सुनवाई के दौरान वह भावुक भी हो गईं और अपना पक्ष रखते हुए आर्थिक सुरक्षा की मांग की। हालांकि पवन सिंह के वकील ने स्पष्ट किया कि जज की समझाइश के बाद दोनों पक्ष नोएडा में एक फ्लैट और 3 करोड़ रुपये की एलिमनी पर सहमत हुए हैं। अंतिम फैसला अभी आना बाकी है।

अक्षरा सिंह ने किया समर्थन

इस पूरे मामले में अब पवन सिंह की एक्स-गर्लफ्रेंड और भोजपुरी अभिनेत्री ने ज्योति का खुलकर समर्थन किया है। अक्षरा ने कहा कि जब कोई लड़की शादी करके अपने मायके से विदा होती है, तो उसकी जिम्मेदारी पति की होती है। अगर रिश्ता टूटता है, तो मेंटेनेंस या एलिमनी लेना उसका पूरा हक है। उसे जो भी रकम चाहिए 10 करोड़, 20 करोड़ या 100 करोड़ अगर वह मांग रही है, तो यह उसका अधिकार है। अक्षरा के इस बयान के बाद मामला और सुर्खियों में आ गया है। सोशल मीडिया पर उनके बयान को लेकर बहस छिड़ गई है, जहां कुछ लोग उनका समर्थन कर रहे हैं तो कुछ आलोचना भी कर रहे हैं।

पवन और अक्षरा का पुराना रिश्ता

गौरतलब है कि पवन सिंह और अक्षरा सिंह का रिश्ता एक समय भोजपुरी इंडस्ट्री में काफी चर्चित रहा। दोनों ने 2015 से 2018 के बीच कई फिल्मों में साथ काम किया और निजी रिश्ते की खबरें भी सामने आईं। बाद में ने 2018 में ज्योति सिंह से शादी कर ली, जिसके बाद उनका और अक्षरा का रिश्ता खत्म हो गया। पवन सिंह की पहली शादी 2014 में नीलम सिंह से हुई थी, जिनका 2015 में निधन हो गया था। अब दूसरी शादी भी कानूनी विवाद में घिर गई है। फिलहाल कोर्ट के अंतिम फैसले का इंतजार है, जिस पर सबकी नजरें टिकी हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *