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Cancer In Children: कैंसर एक ऐसी बीमारी है जो किसी भी उम्र के इंसान को हो सकती है। भारत समेत दुनियाभर में कैंसर के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। बच्चों में भी कई तरह के खतरनाक कैंसर पनपने लगे हैं। 20 साल से कम उम्र के बच्चों में कैंसर का खतरा बढ़ रहा है। WHO के अनुसार हर साल 0-19 साल के 4 लाख बच्चों में कैंसर होता है। हाई इनकम वाले देशों में 80% से ज्यादा बच्चे ठीक हो जाते हैं, लेकिन भारत जैसे देशों में यह दर 30% से भी कम है।
डॉक्टर नेहा गर्ग (वरिष्ठ सलाहकार एवं चिकित्सा ऑन्कोलॉजी विभाग की प्रमुख, एंड्रोमेडा कैंसर अस्पताल, सोनीपत) की मानें तो बच्चों में खराब लाइफस्टाइल कैंसर को बढ़ावा दे रही है।
बच्चों में सबसे ज्यादा होने वाले कैंसर (0-14 साल)
- ल्यूकेमिया (खून का कैंसर)- ये बच्चों में होने वाला सबसे कॉमन कैंसर है जिसके करीब 30% मामले सामने आते हैं।
- ब्रेन ट्यूमर और स्पाइनल कॉर्ड ट्यूमर- ये बच्चों में दूसरा सबसे आम कैंसर है।
- लिंफोमा- लसीका तंत्र का कैंसर भी बच्चों में ज्यादा होता है।
- न्यूरोब्लास्टोमा और विल्म्स ट्यूमर- ये कैंसर किडनी में होता है और बच्चों में होने वाले कैंसर में से एक है।
बच्चों में कैंसर के शुरुआती लक्षण
कई बार कैंसर के लक्षण आम बीमारियों जैसे लगते हैं। बच्चों में बहुत जल्दी कैंसर के लक्षणों की पहचान करना इसलिए मुश्किल हो जाता है। लेकिन अगर 2 हफ्ते से ज्यादा इनमें से कोई लक्षण बने रहें या बिना कारण हों तो सतर्क हो जाएं।
- लगातार थकान और सुस्ती जो आराम करने से भी ठीक न हो
- बिना वजह वजन कम होना या भूख न लगना
- शरीर पर असामान्य नीले निशान (ब्रूज़) या खून बहना
- लगातार बुखार आना जिसका कोई इंफेक्शन कारण न हो
- हड्डियों या जोड़ों में दर्द जिससे लंगड़ाहट हो
- सुबह के समय सिरदर्द के साथ उल्टी
- गर्दन, बगल या पेट में सूजन या गांठ
- आंखों की रोशनी में अचानक बदलाव या आंख में सफेद चमक दिखना
ये लक्षण दिखने का मतलब कैंसर ही है, ऐसा नहीं है। लेकिन अपने माता-पिता वाली समझ पर भरोसा करें। अगर बच्चे की तबीयत ठीक नहीं लग रही और लक्षण बने हुए हैं, तो डॉक्टर को जरूर दिखाएं और अपनी चिंता डॉक्टर को साफ बताएं।
