
MM Baig Passes Away: हिंदी फिल्म इंडस्ट्री के वरिष्ठ निर्माता-निर्देशक एमएम बेग का निधन हो गया है। उनकी उम्र 70 वर्ष से अधिक बताई जा रही है। वह अपने घर पर मृत पाए गए। इस दुखद समाचार की पुष्टि उनके प्रचारक हनीफ जावेरी ने की। उनके निधन की खबर से फिल्म जगत में शोक की लहर दौड़ गई है।
जानकारी के अनुसार, एमएम बेग पिछले कुछ समय से अस्वस्थ थे और सार्वजनिक रूप से कम ही दिखाई देते थे। जब वह लगातार चार-पांच दिनों तक घर से बाहर नहीं निकले, तो पड़ोसियों को चिंता हुई। घर से दुर्गंध आने पर पुलिस को सूचना दी गई। दरवाजा खोले जाने पर उनका शव बरामद हुआ। इसके बाद उनकी बेटी को जानकारी दी गई और पार्थिव शरीर को पोस्टमार्टम के लिए कूपर अस्पताल भेजा गया।
इंडस्ट्री में मजबूत पकड़
एमएम बेग ने अपने करियर की शुरुआत बतौर असिस्टेंट डायरेक्टर की थी। उन्होंने दिग्गज फिल्मकारों जैसे जे. ओम प्रकाश, विमल कुमार और राकेश रोशन के साथ काम कर अनुभव हासिल किया। वह कई चर्चित फिल्मों से जुड़े रहे, जिनमें गोविंदा स्टारर ‘आदमी खिलौना है’, ‘जैसी करनी वैसी भरनी’ और ‘कर्ज चुकाना है’ शामिल हैं।
इसके अलावा अनिल कपूर अभिनीत ‘काला बाजार’ और ‘किशन कन्हैया’ जैसे प्रोजेक्ट्स में भी उनका अहम योगदान रहा। अपने काम के प्रति समर्पण और शांत स्वभाव के कारण वह इंडस्ट्री में सम्मानित नाम थे।
निर्देशन में भी आजमाया हाथ
स्वतंत्र निर्देशक के रूप में एमएम बेग ने 1990 में नसीरुद्दीन शाह अभिनीत फिल्म ‘मासूम गवाह’ का निर्देशन किया, हालांकि यह फिल्म रिलीज नहीं हो पाई। बाद में उन्होंने 1994 में रिलीज हुई छोटी बहू का निर्देशन किया, जिसमें शिल्पा शिरोडकर मुख्य भूमिका में थीं। वह ऐतिहासिक फिल्म रजिया सुल्तान से भी जुड़े रहे, जो अपने समय की चर्चित फिल्मों में गिनी जाती है।
बेटी भी रही लोकप्रिय कलाकार
एमएम बेग की बेटी बेबी गुड्डु, जिनका असली नाम शाहिंदा बेग है, 1980 के दशक में हिंदी सिनेमा की जानी-मानी बाल कलाकार थीं। उन्होंने ‘आख़िर क्यों?’, ‘नगीना’, ‘प्यार किया है प्यार करेंगे’ और ‘औलाद’ जैसी फिल्मों में काम कर दर्शकों के दिलों में जगह बनाई। एमएम बेग ने भले ही लाइमलाइट से दूर रहकर काम किया हो, लेकिन फिल्म इंडस्ट्री में उनका योगदान अहम रहा। उनके निधन से सिनेमा जगत ने एक अनुभवी और समर्पित शख्सियत को खो दिया है।
