सार्वजनिक व्यवस्था पर सीधा हमला… दिल्ली में AI इंपैक्ट समिट में प्रदर्शन पर बोला कोर्ट

सार्वजनिक व्यवस्था पर सीधा हमला… दिल्ली में AI इंपैक्ट समिट में प्रदर्शन पर बोला कोर्ट

राजधानी दिल्ली में आयोजित एआई इम्पैक्ट समिट में यूथ कांग्रेस के नेताओं ने शर्ट उतारकर प्रदर्शन किया, जिसको लेकर बवाल मचा हुआ है. देश के कई शहरों में बीजेपी ने कांग्रेस के खिलाफ जमकर विरोध प्रदर्शन किया. इस बीच दिल्ली की एक कोर्ट ने भी कांग्रेस के इस प्रदर्शन को लेकर तीखी टिप्पणी की है. कोर्ट ने कहा है कि समिट में किया गया प्रदर्शन सार्वजनिक व्यवस्था पर सीधा हमला है. कोर्ट ने कहा कि इससे देश की छवि को भी नुकसान हुआ है.

कोर्ट ने यूथ कांग्रेस के नेताओं के विरोध करने के तरीके पर सवाल उठाए हैं. कोर्ट ने कहा कि एआई इम्पैक्ट शिखर सम्मेलन के आयोजन स्थल पर विरोध प्रदर्शन करने के लिए गिरफ्तार किए गए भारतीय युवा कांग्रेस (आईवाईसी) के कार्यकर्ताओं का आचरण असहमति जताने का वैध तरीका नहीं था, बल्कि यह सार्वजनिक व्यवस्था पर एक सीधा हमला था, जिसने देश की कूटनीतिक छवि को भी नुकसान पहुंचाया.

प्रदर्शनकारियों को पांच दिनों की पुलिस रिमांड

न्यायिक मजिस्ट्रेट रवि ने शनिवार को यह टिप्पणी उस समय की, जब भारत मंडपम में शर्ट उतारकर विरोध प्रदर्शन करने के आरोप में गिरफ्तार किए गए भारतीय युवा कांग्रेस के चार कार्यकर्ताओं को उनकी कोर्ट में पेश किया गया था. कोर्ट ने प्रदर्शनकारियों से पूछताछ के लिए पुलिस को उन्हें पांच दिन की हिरासत में रखने की अनुमति दी. पुलिस ने हिरासत में लेकर पूछताछ करने की इजाजत मांगी थी.

आरोपियों के फरार होने की आशंका

मजिस्ट्रेट ने हिरासत में लेकर पूछताछ करने की अनुमति मांगने संबंधी दिल्ली पुलिस की याचिका को स्वीकार किए जाने के कारणों के बारे में बताते हुए कहा कि आरोपी बिहार, उत्तर प्रदेश और तेलंगाना के दूरदराज के इलाकों से हैं, जिससे उनके फरार होने की ज्यादा आशंका है. कोर्ट ने कहा कि प्रारंभिक जांच के निष्कर्षों से बाहरी साजिश के संबंधों का संकेत मिलने से यह स्थिति और भी गंभीर हो जाती है.

कोर्ट ने की सख्त टिप्पणी

मजिस्ट्रेट रवि द्वारा पारित आदेश के एक अंश में कहा गया है कि विरोध प्रदर्शन ने न केवल आयोजन की शुचिता को खतरे में डाला, बल्कि देश की राजनयिक छवि को भी नुकसान पहुंचाया. कोर्ट के आदेश में कहा गया है कि आरोपियों पर आरोप है कि उन्होंने वैश्विक प्रतिनिधियों और गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति वाले प्रमुख अंतरराष्ट्रीय एआई शिखर सम्मेलन 2026 के दौरान भारत मंडपम के उच्च सुरक्षा वाले परिसर में घुसने की सुनियोजित साजिश रची.

आदेश में कहा गया है कि प्रदर्शनकारियों ने कथित तौर पर भड़काऊ नारों वाली टी-शर्ट पहन रखी थी, जिन पर भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के दौरान प्रधानमंत्री झुक गए के आपत्तिजनक नारे लिखे थे. आदेश में कहा गया कि प्रदर्शनकारियों ने लोक सेवकों को उनके कर्तव्यों का निर्वहन करने में बाधा डाली और पुलिसकर्मियों पर शारीरिक हमले किए, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं, जैसा कि रिकॉर्ड में मौजूद मेडिको-लीगल मामलों (एमएलसी) से प्रमाणित होता है.

‘सार्वजनिक व्यवस्था पर स्पष्ट हमला’

मजिस्ट्रेट ने कहा कि ऐसा आचरण वैध तरीके से असहमति जताए जाने की परिधि से स्पष्ट रूप से परे है और सार्वजनिक व्यवस्था पर स्पष्ट हमले के समान है. उन्होंने कहा कि यह न केवल आयोजन की गरिमा को खतरे में डालता है, बल्कि विदेशी हितधारकों के समक्ष गणराज्य की कूटनीतिक छवि को भी प्रभावित करता है. उन्होंने कहा कि जांच से पता चलता है कि आरोपियों के कई सहयोगी संभवत: फरार हैं, जो डिजिटल सबूतों, वित्तीय सुरागों आदि से छेड़छाड़ कर सकते हैं.

मजिस्ट्रेट ने यह भी रेखांकित किया कि कथित अपराधों के लिए गहन जांच जरूरी है, क्योंकि वे एक अंतरराष्ट्रीय मंच पर सार्वजनिक व्यवस्था और देश की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा पैदा करते हैं और भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 121 (लोक सेवक को उसके कर्तव्य से रोकने के लिए जानबूझकर चोट पहुंचाना) और धारा 61 (2) (आपराधिक षड्यंत्र) के तहत तीन साल से अधिक की सजा का प्रावधान रखते हैं.

ये लोग हुए गिरफ्तार

कोर्ट ने कहा कि चारों आरोपियों को 25 फरवरी तक यानी पांच दिन पुलिस हिरासत में रखे जाने की अनुमति दी जाती है. गिरफ्तार किए गए प्रदर्शनकारियों में बिहार से युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव कृष्णा हरि, बिहार से युवा कांग्रेस के प्रदेश सचिव कुंदन यादव, उत्तर प्रदेश से युवा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार और तेलंगाना से नरसिंह यादव शामिल हैं.

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