Category GK

पद्म पुरस्कार पाने वाले को क्या-क्या मिलता है, तीनों अवॉर्ड में कितना अंतर? इस साल किसको मिला सम्मान देखें पूरी लिस्ट

पद्म पुरस्कार पाने वाले को क्या-क्या मिलता है, तीनों अवॉर्ड में कितना अंतर? इस साल किसको मिला सम्मान देखें पूरी लिस्ट

भारत सरकार हर साल गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर पद्म पुरस्कार घोषित करती है. इस बार भी 131 हस्तियों को पद्म पुरस्कारों से नवाजे जाने की घोषणा हुई है. मशहूर फिल्म अभिनेता धर्मेन्द्र और केरल के सीएम रहे वीएस…

Republic Day 2026: जिस 26 जनवरी को मनाते थे स्वाधीनता दिवस, वो गणतंत्र दिवस की तारीख कैसे बनी?

Republic Day 2026: जिस 26 जनवरी को मनाते थे स्वाधीनता दिवस, वो गणतंत्र दिवस की तारीख कैसे बनी?

26 जनवरी वह तारीख है, जो देश के हर नागरिक को जीवन के हर क्षेत्र में समता-समानता के बीच आगे बढ़ने का विश्वास देती है. यह विश्वास जिस संविधान की देन है, उसका स्मरण कराते हुए 26 जनवरी अपने अधिकारों…

Republic Day 2026: सादगी से शक्ति प्रदर्शन तक, 76 साल में कितनी बदली गणतंत्र दिवस की परेड?

Republic Day 2026: सादगी से शक्ति प्रदर्शन तक, 76 साल में कितनी बदली गणतंत्र दिवस की परेड?

भारत का गणतंत्र दिवस केवल एक राष्ट्रीय पर्व नहीं, बल्कि देश की लोकतांत्रिक यात्रा का जीवंत दस्तावेज़ है. यह त्योहार नहीं है, भारतीयों की जिंदगी है. यह हमें उत्साह से भर देती है. गणतंत्र दिवस चाहे पहला हो या 77वां,…

गणतंत्र दिवस परेड की सबसे बेस्ट झांकी कौन, कैसे होता है सेलेक्शन? यहां समझें

गणतंत्र दिवस परेड की सबसे बेस्ट झांकी कौन, कैसे होता है सेलेक्शन? यहां समझें

भारत का गणतंत्र दिवस केवल एक राष्ट्रीय पर्व नहीं, बल्कि दुनिया को भारत की एकता, सांस्कृतिक विरासत, तकनीकी प्रगति और लोकतांत्रिक परंपरा दिखाने का एक भव्य माध्यम है. हर वर्ष 26 जनवरी को कर्तव्य पथ (पूर्व राजपथ) पर निकाली जाने…

Jana Gana Mana History: क्या अंग्रेजों के सम्मान में लिखा गया जन-गण-मन, रवींद्रनाथ टैगोर ने कैसे दिया था जवाब?

Jana Gana Mana History: क्या अंग्रेजों के सम्मान में लिखा गया जन-गण-मन, रवींद्रनाथ टैगोर ने कैसे दिया था जवाब?

भारत का राष्ट्रगान जन-गण-मन केवल कुछ पंक्तियां नहीं हैं, बल्कि यह भारत की विविधता, एकता और अखंडता का जीवंत प्रतीक है. गणतंत्र दिवस, स्वतंत्रता दिवस समेत अनेक अवसरों पर जब यह धुन कानों में पड़ती है, तो हर भारतीय का…

UP Diwas 2026: अंग्रेजों ने जिस UP का 4 बार नाम बदला, उसे नेहरू-आंबेडकर बांटना क्यों चाहते थे? पढ़ें उत्तर प्रदेश की कहानी

UP Diwas 2026: अंग्रेजों ने जिस UP का 4 बार नाम बदला, उसे नेहरू-आंबेडकर बांटना क्यों चाहते थे? पढ़ें उत्तर प्रदेश की कहानी

संविधान सभा ने यूनाइटेड प्रॉविंस का नाम 24 जनवरी 1950 को बदल कर उत्तर प्रदेश किया. दिलचस्प है कि इस तारीख को प्रदेश का स्थापना दिवस मनाने की शुरुआत 68 वर्ष के अंतराल पर 2018 में हुई. पहल प्रदेश के…

हवा में कैसे बन जाती है बर्फ? मनाली से कश्मीर तक बर्फबारी, वैष्णो देवी यात्रा स्थगित

हवा में कैसे बन जाती है बर्फ? मनाली से कश्मीर तक बर्फबारी, वैष्णो देवी यात्रा स्थगित

शिमला-मनाली हो या कश्मीर, हर तरफ बर्फबारी शुरू हो गई है. पहाड़ी इलाकों में बर्फ की चादर बिछी हुई है. सबसे ज्यादा असर कश्मीर में दिख रहा है जहां लोगों को कई परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. सड़क…

Subhash Chandra Bose Jayanti 2026: हड़ताल, सजा और बवाल… प्रेसीडेंसी कॉलेज से नेताजी निष्कासित और प्रिंसिपल सस्पेंड, पढ़ें किस्सा

Subhash Chandra Bose Jayanti 2026: हड़ताल, सजा और बवाल… प्रेसीडेंसी कॉलेज से नेताजी निष्कासित और प्रिंसिपल सस्पेंड, पढ़ें किस्सा

जीवन में आगे क्या करना है, इसे लेकर अपने छात्र जीवन में सुभाष चंद्र बोस गहरे द्वंद्व से गुजरे. पंद्रह साल की उम्र में वे स्वामी विवेकानंद की कृतियों की ओर आकर्षित हुए. फिर उनके गुरु रामकृष्ण परमहंस की ओर…

दमघोंटू माहौल, डीजल की गंध, सुभाष चंद्र बोस की जर्मनी से जापान की पनडुब्बी यात्रा कितनी मुश्किल थी?

दमघोंटू माहौल, डीजल की गंध, सुभाष चंद्र बोस की जर्मनी से जापान की पनडुब्बी यात्रा कितनी मुश्किल थी?

नेताजी सुभाष चंद्र बोस के पराक्रम को अक्सर केवल साहसी कहकर सीमित कर दिया जाता है, जबकि उनका असली पराक्रम, साहस, तैयारी, लक्ष्य के प्रति कठोर अनुशासन का मिश्रण था. वे जानते थे कि आज़ादी की लड़ाई केवल भावनाओं से…

गुरु हजरत निजामुद्दीन के लिए अमीर खुसरो बसंती रंग में क्यों रंगे? दिल्ली की दरगाह पर मनने लगा पंचमी का उत्सव

गुरु हजरत निजामुद्दीन के लिए अमीर खुसरो बसंती रंग में क्यों रंगे? दिल्ली की दरगाह पर मनने लगा पंचमी का उत्सव

दिल्ली की संस्कृति को अगर किसी एक धागे में पिरोया जाए, तो वह धागा मिलन का होगा. भाषाओं का, धर्मों का, संगीत का, लोक-परंपराओं का और ऋतुओं के उत्सवों का. इसी मिलन का सबसे खूबसूरत रूप हमें हजरत निजामुद्दीन औलिया…